भारत के कई राज्य अप्रैल में ही भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, जिसे मौसम विशेषज्ञ केवल एक ट्रेलर बता रहे हैं. आशंका है कि मई-जून में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इस अभूतपूर्व गर्मी का मुख्य कारण 'हीट डोम' प्रभाव है, जिसमें उच्च दबाव का एक क्षेत्र गर्म हवा को एक ही स्थान पर रोक लेता है. 'सुपर अल नीनो' और पश्चिमी विक्षोभ की निष्क्रियता इस स्थिति को और गंभीर बना रही है, जिसके चलते अगले कुछ वर्षों तक राहत की उम्मीद कम है. यह जानलेवा गर्मी न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डाल सकती है; एक रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक भारत की जीडीपी का 4.5 प्रतिशत तक प्रभावित हो सकता है. विशेषज्ञों ने हीट स्ट्रोक से बचने के लिए सिर ढककर बाहर निकलने, हल्के रंग के कपड़े पहनने और तरबूज, खीरा, सत्तू व नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों से शरीर को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दी है.