चीन और पाकिस्तान से बढ़ते खतरों के बीच, भारतीय सेना अपनी युद्ध क्षमताओं का अभूतपूर्व विस्तार कर रही है. इस आधुनिकीकरण के तहत 'रुद्र' ऑल आर्म ब्रिगेड और 'भैरव' लाइट कमांडो बटालियन जैसी नई लड़ाकू इकाइयों का गठन किया गया है. 'रुद्र' ब्रिगेड एक ही कमांड के तहत इन्फेंट्री, टैंक, तोपखाने, स्पेशल फोर्सेज़ और ड्रोन जैसी विभिन्न इकाइयों को एकीकृत करेगी, ताकि सीमाओं पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. तकनीकी मोर्चे पर, सेना आईआईटी मद्रास के सहयोग से रैमजेट इंजन वाले तोप के गोले विकसित कर रही है, जो तोपों की मारक क्षमता को दोगुना कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त, चीन सीमा पर लॉजिस्टिक्स और निगरानी के लिए 'रोबोटिक म्यूल' तैनात किए गए हैं. यह आधुनिकीकरण भारत की विशिष्ट सैन्य बलों, जैसे नौसेना के मार्कोस, वायु सेना के गरुड़ कमांडो और सेना के पैरा एसएफ की क्षमताओं को और मजबूती प्रदान करेगा.