भारतीय सेना अपनी युद्धक क्षमताओं को आधुनिक बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है. 'प्रोजेक्ट राइनो' के तहत सेना अपने 2400 से अधिक पुराने T-72 'अजेय' टैंकों को अत्याधुनिक मानवरहित रोबोटिक कॉम्बैट व्हीकल में तब्दील करेगी. 'अदिति 4.0' पहल के जरिए इन टैंकों में ऑटोनोमस किट, 360-डिग्री कैमरे, LIDAR और रडार लगाए जाएंगे, जिससे ये AI की मदद से बिना इंसानों के संचालित हो सकेंगे. इससे इनकी सेवा अवधि 2045-2050 तक बढ़ जाएगी. इसके साथ ही, लद्दाख में चीन का मुकाबला करने के लिए डीआरडीओ और एलएंडटी द्वारा विकसित 25 टन का स्वदेशी लाइट माउंटेन टैंक 'जोरावर' 2027 तक सेना में शामिल होने की उम्मीद है. वर्तमान में भारतीय सेना के पास T-90 भीष्म और स्वदेशी अर्जुन टैंक की मजबूत फ्लीट है. T-90 भीष्म पानी के अंदर चलने और रात में हमला करने में सक्षम है, जबकि अर्जुन टैंक कंचन आर्मर और लेजर वार्निंग सिस्टम से लैस है.