भारतीय सेना के रूसी मूल के T-90 और T-72 टैंकों की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 586 करोड़ रुपये की एक डील की है। इसके तहत टैंकों के लिए ऑक्जिलरी पावर यूनिट (APU) खरीदे जाएंगे। APU की मदद से टैंक का मुख्य इंजन बंद होने पर भी फायर कंट्रोल सिस्टम, फायरिंग सर्किट, नाइट विजन कैमरा और गन स्टेबिलाइजेशन सिस्टम को लगातार बिजली मिलती रहेगी। इससे टैंक बिना आवाज और गर्मी पैदा किए दुश्मन से छिपकर निशाना साध सकेंगे, जो उच्च ऊंचाई वाले इलाकों और रात के ऑपरेशंस में काफी मददगार साबित होगा। इसके साथ ही सेना 40 साल पुराने T-72 टैंकों को AI और रिमोट तकनीक के जरिए ऑटोनॉमस कॉम्बैट व्हीकल में तब्दील करने की योजना पर भी काम कर रही है।