प्रधानमंत्री ने बंगाल की खाड़ी में तीन नए स्वदेशी नौसैनिक जहाजों- आईएनएस अग्रय, आईएनएस दूनागिरी और आईएनएस संशोधक को भारतीय नौसेना में शामिल किया है। इन तीनों युद्धपोतों का निर्माण पूरी तरह से भारत में हुआ है, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक हैं। आईएनएस दूनागिरी एक अत्याधुनिक स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है, आईएनएस अग्रय एंटी-सबमरीन शिप है, और आईएनएस संशोधक एक सर्वे शिप है। पड़ोसी देश द्वारा हाल ही में विदेशी पनडुब्बी को शामिल किए जाने के बाद भारत का यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। इसके साथ ही भारत का रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी 24 फीसदी तक पहुंच गई है। वहीं, भारत का रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये हो गया है। भारत अब दुनिया के टॉप 25 हथियार निर्यातक देशों में शामिल हो चुका है।