भारतीय नौसेना और डीआरडीओ ने नेवल एंटी-शिप मिसाइल शॉर्ट रेंज (NASM-SR) का पहला सफल साल्वो परीक्षण संपन्न किया है. यह मिसाइल 55 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य भेदने और रडार को चकमा देने में सक्षम है. इसी बीच, रूस ने भारत को 1500 किलोमीटर रेंज वाली 3M14E कैलिबर पीएल क्रूज मिसाइल का प्रस्ताव दिया है. सीपरी (SIPRI) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत 92.1 अरब डॉलर के रक्षा बजट के साथ सैन्य खर्च में वैश्विक स्तर पर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है. रणनीतिक शक्ति बढ़ाने के लिए डीआरडीओ अग्नि-6 बैलिस्टिक मिसाइल पर काम कर रहा है, जो एमआईआरवी (MIRV) तकनीक से लैस होगी. इसकी अनुमानित मारक क्षमता 10,000 से 12,000 किलोमीटर तक हो सकती है. वर्तमान में भारत के पास अग्नि-5 जैसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) उपलब्ध है, जिसकी रेंज 5000 किलोमीटर से अधिक है. अग्नि-6 और हाइपरसोनिक मिसाइल परियोजनाओं के विकास के लिए अब केवल केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी का इंतजार है. ये रक्षा प्रणालियां भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करेंगी.