दुनियाभर में मशहूर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा 16 जुलाई को निकाली जाएगी। पुरी में नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन रथों का निर्माण अंतिम चरण में है, जिन्हें बनाने में विशेष लकड़ियों और 200 से अधिक कारीगरों की मेहनत लग रही है। वहीं, झीलों की नगरी उदयपुर में भगवान 100 किलो से ज्यादा वजन वाले चांदी के रथ पर सवार होंगे, जिसे 58 हिस्सों को जोड़कर बनाया जा रहा है। अहमदाबाद में 149वीं रथयात्रा के लिए 18 किलोमीटर लंबे रूट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जहां पर्यावरण अनुकूल पहल के तहत पुलिस 100 से अधिक ईवी बाइक्स पर पेट्रोलिंग कर रही है। कोलकाता के दीघा में इस साल बड़ा बदलाव करते हुए वीआईपी कल्चर खत्म कर दिया गया है, यानी अब आम श्रद्धालु ही भगवान का रथ खींचेंगे। देशभर में रथयात्रा को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है और भव्य स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं।