असम के गुवाहाटी स्थित नीलांचल पर्वत पर विराजमान मां कामाख्या का दिव्य दरबार तीन दिन बंद रहने के बाद शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है। अंबुबाची मेले के अवसर पर 22 जून को प्रवृत्ति अनुष्ठान के बाद मंदिर के कपाट तीन दिनों तक बंद रखे गए थे। मान्यता है कि इस दौरान मां कामाख्या वार्षिक रजस्वला काल से गुजरती हैं। कपाट खुलते ही देश और दुनिया से आए साधुओं, तांत्रिकों और आम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गर्भगृह में प्राकृतिक शिला के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने भी मंदिर पहुंचकर मां के दर्शन किए और जनकल्याण की प्रार्थना की। कामाख्या मंदिर को 51 शक्तिपीठों में सबसे प्रमुख माना जाता है। तंत्र साधना के लिए यह दुनिया का अहम केंद्र है, जहां अंबुबाची मेले के दौरान आध्यात्मिक ऊर्जा अपने चरम पर होती है। इस मौके पर मिलने वाले अंगोदक और अंग वस्त्र को श्रद्धालु अत्यंत शुभकारी मानते हैं।