26/11 के मुंबई आतंकी हमले के दौरान कामा अस्पताल की नर्सों और कर्मचारियों के अदम्य साहस पर आधारित फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' जल्द ही दर्शकों के सामने होगी। यह फिल्म उन गुमनाम नायकों की कहानी बयां करती है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना 400 मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जान बचाई थी। शुरुआत में इस फिल्म का नाम 'नर्सेस ऑफ कामा' रखा गया था, लेकिन बाद में प्रधानमंत्री द्वारा आम कर्मचारियों को दिए गए सम्मान से प्रेरित होकर इसे बदल दिया गया। यह कहानी न केवल उस भयावह रात के संघर्ष को दिखाती है, बल्कि नर्सों के दैनिक जीवन की चुनौतियों, उनके व्यक्तिगत बलिदानों और उनके काम के प्रति समाज के नजरिए को भी उजागर करती है। इसके साथ ही, यह फिल्म उद्योग और राजनीति की जटिलताओं के बीच के अंतर पर भी प्रकाश डालती है। यह फिल्म उन सभी स्वास्थ्यकर्मियों को एक सच्ची श्रद्धांजलि है, जो हर दिन बिना किसी स्वार्थ के मानवता की सेवा करते हैं और संकट के समय में असली रक्षक बनकर सामने आते हैं।