उत्तराखंड में चार धाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट भक्तों के लिए खुल गए हैं। गुड न्यूज टुडे की इस विशेष रिपोर्ट में केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम से जुड़े 20 अनसुने रहस्यों के बारे में बताया गया है। केदारनाथ मंदिर का निर्माण पांडवों ने कराया था और यह 400 सालों तक बर्फ में दबा रहने के बाद भी सुरक्षित रहा। 2013 की जल प्रलय में भीमशिला ने मंदिर की रक्षा की थी। वहीं, बद्रीनाथ धाम में भगवान विष्णु की शालिग्राम पत्थर से बनी मूर्ति स्थापित है। दोनों धामों में शीतकाल के दौरान छह महीने तक कपाट बंद रहने पर भी अखंड ज्योति निरंतर जलती रहती है। बद्रीनाथ में शंख बजाना वर्जित है और यहां के तप्त कुंड का पानी हमेशा गर्म रहता है। केदारनाथ की रक्षा बाबा भैरवनाथ और बद्रीनाथ की रक्षा घंटाकर्ण करते हैं। इन धामों की इंटरलॉकिंग तकनीक और पौराणिक मान्यताएं इन्हें अद्वितीय बनाती हैं।