उत्तराखंड में हिमालय की गोद में बसे 11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट सुबह 8 बजे पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोल दिए गए हैं. कपाट खुलते ही हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम बाबा केदार के दर्शन के लिए उमड़ पड़ा और हर तरफ 'हर हर महादेव' के जयकारे गूंजने लगे. मंदिर के गर्भगृह में बाबा केदार के पंचमुखी स्वयंभू शिवलिंग की विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न हुई. केदारनाथ धाम का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है. मान्यता है कि युद्ध के बाद पापों से मुक्ति पाने के लिए पांडवों ने यहां भगवान शिव की आराधना की थी.