गुजरात के पोरबंदर जिले के माधवपुर में भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का भव्य उत्सव मनाया जा रहा है. 27 मार्च से शुरू हुआ यह पांच दिवसीय माधवपुर मेला 31 मार्च तक चलेगा. इस मेले में मेड़ समुदाय के लोग कड़च गांव से मामेरा की रस्म निभाने पहुंचते हैं. वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ चौरी मंडप में विवाह की रस्में संपन्न की जाती हैं. मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी का हरण कर माधवपुर में ही उनसे विवाह रचाया था. इस उत्सव में गुजरात के साथ-साथ उत्तर-पूर्व के राज्यों के कलाकार भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते हैं. इसके अलावा, विष्णु पुराण के अनुसार श्रीकृष्ण की 16,000 रानियों और नरकासुर वध की कथा का भी आध्यात्मिक महत्व बताया गया है. यह मेला आस्था, लोक संस्कृति और परंपराओं का एक अनूठा संगम है.