साल 2026 में मकर संक्रांति का पर्व ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष और दुर्लभ संयोगों से भरा है. इस वर्ष लगभग 100 वर्षों के बाद 'पंचग्रही योग' का निर्माण हो रहा है, जिसमें सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा एक साथ मकर राशि में विराजमान होंगे. इसके साथ ही, करीब 22 साल बाद मकर संक्रांति (14 जनवरी) और षटतिला एकादशी एक ही दिन पड़ रही हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. इन महासंयोगों के साथ-साथ सर्वसिद्धि, अमृत सिद्धि और शुक्रादित्य जैसे अन्य राजयोग भी बन रहे हैं, जो स्नान, दान और पूजा के पुण्य फल को कई गुना बढ़ा देंगे. हालांकि, एकादशी के कारण 14 जनवरी को चावल का सेवन और दान वर्जित होने तथा 15 जनवरी को गुरुवार होने से खिचड़ी की परंपरा को लेकर उलझन है. जानकारों ने 17 जनवरी, शनिवार को खिचड़ी बनाने और दान करने को शुभ बताया है.