मकर संक्रांति की तिथि को लेकर उलझन है कि पर्व 14 जनवरी को मनाया जाए या 15 जनवरी को. ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को दोपहर में हो रहा है, जिसके चलते कई पंचांग इसी दिन पर्व मनाने की सलाह दे रहे हैं. वहीं, कुछ विशेषज्ञ उदया तिथि के आधार पर 15 जनवरी को इसे मनाना शास्त्रसम्मत मानते हैं. इस चर्चा में यह भी बताया गया कि 14 जनवरी को एकादशी होने के कारण चावल का सेवन वर्जित है, जबकि दान-पुण्य अगले दिन भी किया जा सकता है. मकर संक्रांति पर स्नान, दान और खिचड़ी का विशेष महत्व है. विशेषज्ञों ने तिल, चावल, दाल और वस्त्रों का दान लाभकारी बताया है. अंततः, श्रद्धालुओं को अपने क्षेत्र, पारिवारिक परंपरा और विवेक के अनुसार तिथि का चयन करने की सलाह दी गई है.