भारत ने रक्षा प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है, जो 'मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल' (MIRV) तकनीक से लैस है. इस कामयाबी के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास यह उन्नत मिसाइल क्षमता है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल 5,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और एक साथ कई लक्ष्यों को सटीकता से भेद सकती है. भारत का मिसाइल कार्यक्रम गति के आधार पर भी वर्गीकृत है, जिसमें सबसोनिक (पृथ्वी), सुपरसोनिक (ब्रह्मोस) और हाइपरसोनिक मिसाइलें (शौर्य) शामिल हैं. क्रूज मिसाइलें जेट इंजन से वायुमंडल के भीतर उड़ान भरती हैं, जबकि बैलिस्टिक मिसाइलें वायुमंडल से बाहर जाकर लंबी दूरी तय करती हैं. K-15 सागरिका और शौर्य जैसी मिसाइलें भारत को जल, थल और नभ से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान कर एक मज़बूत सामरिक बढ़त दिलाती हैं.