राजस्थान के जैसलमेर और पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन ब्रह्मास्त्र' के तहत अपनी मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। इस युद्धाभ्यास में आधुनिक अपाचे हेलीकॉप्टर ने हिस्सा लिया, जिसे हवा का टैंक भी कहा जाता है। अपाचे से दागी गई घातक हेलफायर मिसाइलों ने सटीक निशाना लगाते हुए दुश्मन के डमी टैंकों को पलक झपकते ही नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' की ताकत भी देखने को मिली। बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में सेना प्रमुख ने खुद प्रचंड हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी, जो सेना के स्वदेशी तकनीक पर भरोसे को दर्शाता है। प्रचंड 6000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है। अपाचे और प्रचंड की यह जुगलबंदी आधुनिक युद्ध में जमीनी सैनिकों को मजबूत हवाई सुरक्षा प्रदान करेगी। इस युद्धाभ्यास ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय सेना अब रक्षा के साथ-साथ आक्रामक रणनीति में भी पूरी तरह से सक्षम है, जो पड़ोसी देशों के लिए एक कड़ा संदेश है।