प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर पर 1026 में हुए आक्रमण के 1000 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में भाग लिया. 8 से 11 जनवरी तक चले इस आयोजन में प्रधानमंत्री एक भव्य शौर्य यात्रा में शामिल हुए, जहां उन्होंने डमरू भी बजाया. इस अवसर पर बटुक ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया, जो गुरुकुल परंपरा के तहत पूरी सृष्टि के कल्याण की कामना का प्रतीक है. डमरू की ध्वनि का सांस्कृतिक महत्व गहरा है, क्योंकि माना जाता है कि इसी से निकले 14 महेश्वर सूत्रों से संस्कृत व्याकरण और देवनागरी लिपि का आधार बना. प्रधानमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में महाभिषेक और महाआरती भी की. उन्होंने देश के युवाओं से अपनी धरोहरों की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया ताकि विनाशकारी ताकतों को नाकाम किया जा सके. इस पर्व के दौरान ड्रोन शो और सामूहिक ओम मंत्र जाप जैसे कार्यक्रम भी हुए.