28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के पर्व पर साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस दिन लगभग 5 घंटे 39 मिनट का आंशिक चंद्र ग्रहण रहेगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण भारत में अदृश्य होने के कारण इसका सूतक काल, पूजा-पाठ पर रोक या मंदिर के कपाट बंद करने जैसे नियम लागू नहीं होंगे। 27 अगस्त की रात तक भद्रा का प्रभाव समाप्त हो जाने से 28 अगस्त को राखी बांधने में कोई बाधा नहीं रहेगी। ज्योतिषविदों के अनुसार 28 अगस्त की सुबह 6:23 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त है, जबकि सुबह 10:12 से दोपहर 12:20 बजे तक राहुकाल में राखी बांधने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा त्योहार के मौके पर जयपुर की 400 साल पुरानी प्रसिद्ध थेवा कला से निर्मित सोने-चांदी की राखियां और सूरत की गाय के गोबर तथा लकड़ी से बनी इको-फ्रेंडली राखियां बाजार में काफी पसंद की जा रही हैं।