रामनवमी के शुभ अवसर पर अयोध्या में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह से बादल छाए रहने के बावजूद, अभिजीत मुहूर्त में ठीक 12 बजे सूर्य की किरणें बादलों को चीरते हुए सीधे रामलला के मस्तक पर पड़ीं। चार मिनट तक चला यह सूर्य तिलक आस्था और विज्ञान का अनूठा संगम था। सूर्य तिलक के बाद फिर से बादल छा गए। लगभग 10 लाख श्रद्धालु रामलला के जन्मोत्सव में शामिल होने अयोध्या पहुंचे। इसी दिन नवरात्र का अंतिम दिन भी था और देशभर में मां सिद्धिदात्री की पूजा हुई। महानवमी पर कन्या पूजन की परंपरा निभाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में कन्या पूजन किया। देशभर में रामनवमी पर शोभायात्राएं निकालीं गईं। नागपुर में 4,911 लोगों ने एक साथ महा आरती कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। कश्मीर के श्रीनगर में 36 साल बाद रघुनाथ मंदिर के कपाट खुले और राम नवमी मनाई गई।