Ramayan Katha: प्रस्तुत वृत्तांत में रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का सजीव संवाद प्रस्तुत किया गया है. हनुमान जी द्वारा रावण की सभा में सीता माता को लौटाने और धर्म की शरण लेने की चेतावनी दी जाती है, जिसके उपरांत रावण के आदेश पर पूंछ में आग लगाए जाने पर लंका दहन होता है. लंका में विभीषण द्वारा अधर्म का विरोध करने पर रावण उन्हें निष्कासित कर देता है, जिसके बाद विभीषण प्रभु श्री राम की शरण में पहुंचते हैं और भगवान राम उन्हें मित्र स्वीकार करते हैं. समुद्र देव द्वारा तीन दिन की प्रार्थना के बाद नल और नील के माध्यम से सेतु निर्माण का मार्ग सुझाया जाता है. राम सेतु के निर्माण के बाद प्रभु राम की वानर सेना लंका के उत्तरी द्वार तक पहुंच जाती है. संकट देख रावण कुंभकर्ण को जगाने का आदेश देता है, जहां कुंभकर्ण भी पराई स्त्री के हरण को घोर अधर्म बताते हुए इसे विनाश का निमंत्रण करार देता है.