रक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के बढ़ते इस्तेमाल से युद्ध की तकनीक तेजी से बदल रही है. यूक्रेन ने युद्ध के मैदान में इंसानी जान बचाने और रूसी सेना का मुकाबला करने के लिए 'आर्मी ऑफ रोबोट' प्रोजेक्ट और हायना अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल (UGV) का इस्तेमाल शुरू किया है. ये रोबोट बंकर तबाह करने, माइन लगाने और सर्विलांस जैसे जोखिम भरे काम कर रहे हैं. वहीं भारतीय सेना भी आधुनिक तकनीक अपनाते हुए स्वदेशी बाज अटैक ड्रोन और रोबोटिक म्यूल (रोबोटिक डॉग) को शामिल कर रही है. बाज ड्रोन हवा से रॉकेट दागने में सक्षम है और आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए तैयार किया गया है. इसके अलावा त्रिशूल रिमोट वेपन सिस्टम और 360 डिग्री कैमरों से लैस रोबोटिक डॉग दुर्गम सरहदों पर जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं. दुनिया भर में अब अनमैन्ड गाड़ियां, किलर बोट और ड्राइवरलेस टैंक आधुनिक युद्ध के नए हथियार बन रहे हैं.