रूस ने भारत को अपने पांचवीं पीढ़ी के आधुनिक फाइटर जेट Su-57 का प्रस्ताव दिया है, जिसमें संवेदनशील सोर्स कोड, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और दो सीटों वाले Su-57D वेरिएंट का विकास शामिल है. यह ऑफर भारत के स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट में देरी और पाकिस्तान को चीन से मिले J-35AE स्टेल्थ फाइटर जेट के बीच आया है. इसके साथ ही, रूस ने भारत को S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की चौथी बैटरी डिलीवर कर दी है. जनवरी 2026 से दोनों देशों के बीच 'रेलोस' (RELOS) समझौता भी प्रभावी हो गया है, जिससे दोनों सेनाएं एक-दूसरे के मिलिट्री बेस का इस्तेमाल लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए कर सकेंगी. भारत अब रूस के सबसे एडवांस S-500 एयर डिफेंस सिस्टम को हासिल करने और इसके तकनीक ट्रांसफर पर नजर बनाए हुए है. इसके अलावा, दोनों देश मिलकर ब्रह्मोस-2 हाइपरसोनिक मिसाइल पर काम कर रहे हैं, जिसकी गति मैक 5 से मैक 8 तक होगी. यह रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के दशकों पुराने रक्षा संबंधों को और मजबूत करती है.