सावन महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर के शिव मंदिरों और 12 ज्योतिर्लिंग धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. उत्तर में केदारनाथ से लेकर दक्षिण में रामेश्वरम तक और पूरब में बाबा बैद्यनाथ से लेकर पश्चिम में सोमनाथ मंदिर तक भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक और पूजन-अर्चन किया. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में सुबह भस्म आरती और विशेष श्रृंगार के साथ पूजन संपन्न हुआ. शास्त्रों के अनुसार, सावन मास में समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को महादेव ने अपने कंठ में धारण किया था, जिसके बाद देवों ने उनका जलाभिषेक किया था. इसी परंपरा के तहत सावन में जलाभिषेक का विशेष महत्व माना गया है. इसके साथ ही हरिद्वार और देवघर समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों से पावन कांवड़ यात्रा की भी शुरुआत हो चुकी है, जहां शिवभक्त अनोखी कांवड़ लेकर महादेव के दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं.