सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है. इस बार सावन के दूसरे सोमवार पर सोम प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ दिन बुधादित्य योग, महालक्ष्मी योग और समसप्तक योग का निर्माण हो रहा है, जिससे शिव पूजन का फल कई गुना बढ़ जाता है. देश भर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और कांवड़ मार्गों पर बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं. हरिद्वार से लेकर मुजफ्फरनगर, बागपत, सहारनपुर और देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक कांवड़िया अनोखे स्वरूपों में जल लेकर बढ़ रहे हैं. कांवड़ यात्रा में देशभक्ति, फिटनेस और भक्ति के अद्भुत रंग देखने को मिल रहे हैं. सहारनपुर में कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की गई, वहीं मुजफ्फरनगर में 15 लाख की लागत से तैयार हाइड्रोलिक कांवड़ और महिलाओं का जत्था आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. झारखंड के बैद्यनाथ धाम में भी लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं.