सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के साथ ही देश भर में मेष संक्रांति और बैसाखी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य का मेष राशि में गोचर अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है. इस अवसर पर लोग पवित्र नदियों, विशेषकर हरिद्वार में गंगा स्नान कर रहे हैं और दान-पुण्य कर रहे हैं. भारत के विभिन्न हिस्सों में इस दिन को अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे असम में रोंगाली बिहू, केरल में विशु, तमिलनाडु में पुथांडु और ओडिशा में पाना संक्रांति. पंजाब और हरियाणा में बैसाखी नई फसल के पकने की खुशी में मनाई जाती है.