देश में सूर्य के उत्तरायण का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है मकर संक्रांति पर्व का धार्मिक और आध्यातमिक महत्व है. सनातन परंपरा में सूर्य को अनंत ऊर्जा का स्रोत और साक्षात देव माना जाता है। वैसे तो साल में 12 बार भगवान सूर्य अपनी राशि परविर्तन करते हैं जिसे संक्रांति कहा जाता है ..लेकिन जब भगवान सूर्य शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं...तो उसे मकर संक्रांति कहते हैं.