15 जून को अधिक मास की समाप्ति के साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट गई है। अब जून और जुलाई में विवाह और गृह प्रवेश के लिए 12 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। तीन दशक बाद अधिक मास के आखिरी दिन सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बना, जिस अवसर पर प्रयागराज, हरिद्वार और अयोध्या समेत देशभर की पवित्र नदियों में लाखों श्रद्धालुओं ने स्नान किया। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए शांति समझौते पर सहमति बन गई है। 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस समझौते पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया गया है, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया में तेल आपूर्ति सुचारू हो सकेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस शांति समझौते का स्वागत किया है। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, देव गुरु बृहस्पति के उच्च राशि में प्रवेश से वैश्विक स्तर पर इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।