सितंबर के महीने में उत्तर भारत के मौसम ने अनोखा मिजाज दिखाया है। कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे रोहतांग, किन्नौर, गुलमर्ग और नाथुला जैसे इलाके बर्फ की चादर से ढक गए हैं। इस बर्फीली हवा, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन के संगम से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तापमान में भारी गिरावट देखी गई। दिल्ली के सफदरजंग में तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो बीते 18 साल का रिकॉर्ड स्तर रहा। किन्नौर में माउंट लियो पारगिल-2 के अभियान पर निकला 12 सदस्यीय पर्वतारोही दल माइनस 20 डिग्री तापमान और भारी बर्फबारी के बीच फंस गया, जिसे आईटीबीपी, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित नाको निकाला गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ठंड का स्थायी दौर नहीं बल्कि एक मौसमी बदलाव है। अक्टूबर के पहले हफ्ते से आसमान साफ होने और तापमान में 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।