विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर, गुड न्यूज़ टुडे की विशेष चर्चा में भारत में व्याप्त एनीमिया (खून की कमी) के गंभीर संकट पर प्रकाश डाला गया. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश में लगभग 67% बच्चे और 57% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं. विशेषज्ञों ने बताया कि 2018 में 'एनीमिया मुक्त भारत' अभियान शुरू होने के बावजूद स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, यहाँ तक कि दिल्ली जैसे मेट्रो शहरों में भी लगभग 50% महिलाएं एनेमिक हैं. चर्चा में कमजोरी, थकान और सांस फूलना इसके मुख्य लक्षण बताए गए. विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या केवल गरीबी से नहीं, बल्कि जागरूकता की कमी, खान-पान की गलत आदतों, जैसे भोजन के साथ चाय पीना, और आयरन युक्त आहार की कमी से भी जुड़ी है. इससे निपटने के लिए 'SMART' फॉर्मूला (स्क्रीन, मैनेज, एक्सेस, राइट ट्रीटमेंट, ट्रैक) और 'कलरफुल डाइट' (लाल, हरा, पीला) अपनाने की सलाह दी गई, जिसमें मौसमी फल, हरी सब्जियां, और पारंपरिक भोजन शामिल हों.