हिंदू पंचांग के अनुसार हर तीसरे साल एक महीना बढ़ जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है. इस बार ज्येष्ठ के महीने में अधिक मास का संयोग बन रहा है, जो 17 मई से आरंभ होकर 15 जून तक रहेगा. भगवान विष्णु द्वारा अपना नाम दिए जाने के कारण इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. यह आध्यात्मिक महीना है, इसलिए इसमें विवाह, गृहप्रवेश और घर का निर्माण जैसे नए शुभ और मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है. हालांकि, इस दौरान भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की आराधना, श्रीमद् भागवत का पाठ, और दान करना अत्यंत फलदायी होता है. इस महीने में सात्विक आहार और विचार रखना चाहिए. इसके अलावा, कार्यक्रम में सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल बताया गया है. वैवाहिक जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए एक अचूक उपाय भी साझा किया गया है, जिसमें सुबह-शाम श्रीकृष्ण की उपासना और मधुराष्टक का पाठ करने की सलाह दी गई है.