चैत्र नवरात्रि 19 March 2026 से 27 March तक नौ दिनों तक मनाई जाएगी। नवरात्रि से वातावरण की नकारात्मकता समाप्त होती है और जीवन सात्विक बनता है। नौ दिनों में देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है - पहले दिन माता शैलपुत्री, दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी और नवमी को माता सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है। कलश स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त 19 March को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक है। दूसरा मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट के बीच अभिजीत मुहूर्त में है। नवरात्रि में व्रत रखना या सात्विक भोजन करना चाहिए, प्याज-लहसुन से परहेज करें। कलश में जल भरकर सिक्का डालें, नारियल रखें और जौ बोएं। कलश के पास घी या तिल के तेल का अखंड दीपक जलाना आवश्यक है।