दशहरा और विजयादशमी के पावन पर्व पर माँ दुर्गा और भगवान श्रीराम की विधिवत पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन शारदीय नवरात्रि का समापन होता है और कलश विसर्जन के साथ ही शस्त्रों की पूजा की जाती है. मान्यता है कि दशहरे के दिन महिषासुर मर्दिनी और श्रीराम की आराधना करने से जीवन की समस्त बाधाएं समाप्त होती हैं और विजय की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही दशहरे के दिन घर के मुख्य द्वार पर शमी का पौधा लगाने और उसकी नियमित पूजा करने से सुख-समृद्धि बनी रहती है. कार्यक्रम में सभी 12 राशियों के दैनिक राशिफल के साथ दिन को शुभ बनाने के दान संबंधी उपाय भी साझा किए गए हैं. व्यापारी वर्ग के लिए दशहरे पर नए कार्य की शुरुआत और बहीखाता बदलने की परंपरा का भी उल्लेख किया गया है.