कुंडली में विभिन्न ग्रहों की अशुभ दशाओं के प्रभाव और उनके निवारण के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई है. सूर्य की अशुभ दशा में नेत्र व हृदय रोग और अपयश का खतरा रहता है, जिससे बचाव के लिए नियमित जल अर्पित करने और सूर्य मंत्र का जप करने की सलाह दी गई है. चंद्र की बुरी दशा में मानसिक समस्याओं और दुर्घटनाओं से बचने के लिए भगवान शिव की पूजा और पूर्णिमा को चंद्रमा की उपासना का विधान बताया गया. मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु-केतु की अशुभ दशाओं में दान, मंत्र जप और विशिष्ट देवी-देवताओं की पूजा से दुष्प्रभावों को कम करने के उपाय साझा किए गए हैं. इसके साथ ही मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, पंचांग, लकी टिप और सफलता मंत्र की जानकारी भी दी गई है.