श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव, पूजा विधान और शुभ मुहूर्त की जानकारी दी गई है. भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर वृषभ लग्न और रोहिणी नक्षत्र के विशेष संयोग में जन्मोत्सव मनाने का महत्व बताया गया है. मध्यरात्रि में वृषभ लग्न समाप्त होने से पहले पूजा की शुरुआत करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. पूजा विधि के अंतर्गत भगवान की धातु की प्रतिमा को शंख के माध्यम से दूध, दही, शहद, शर्करा और घी से पंचामृत स्नान कराने, पीतांबर पहनाने तथा झूले में झुलाने का विधान है. इसके साथ ही मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल प्रस्तुत किया गया है, जिसमें करियर, धन लाभ, स्वास्थ्य और आवश्यक उपायों की जानकारी शामिल है. दिन को सफल बनाने के लिए चंदन तिलक का विशेष उपाय भी बताया गया है.