शनि और मंगल दोनों ही पाप ग्रह माने जाते हैं. दोनों का आपसी सम्बन्ध विशेष प्रभाव पैदा करता है. शनि वायु है और मंगल अग्नि. दोनों का सम्बन्ध विस्फोट पैदा करता है. यह सम्बन्ध साथ होने से, परस्पर दृष्टि से और स्थान परिवर्तन से बनता है.