ओडिशा के पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ की प्रसिद्ध बहुड़ा यात्रा के साथ नौ दिवसीय रथ यात्रा उत्सव का समापन पर्व शुरू हो गया है. आठ दिनों तक गुंडिचा मंदिर के आढ़प मंडप में रहने और नवमी के दिन संध्या दर्शन देने के बाद भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा मुख्य मंदिर श्रीमंदिर के लिए प्रस्थान कर रहे हैं. इस बहुड़ा यात्रा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं. यात्रा के मार्ग में महाप्रभु मौसी मां के मंदिर पर रुककर विशेष 'पोड़ा पीठा' का भोग ग्रहण करते हैं. इसके बाद सिंहद्वार पहुंचने पर देवताओं को स्वर्ण वस्त्र पहनाकर 'सुना वेश' का रूप दिया जाता है और मिट्टी के बड़े पात्रों में 'अधर पाना' अर्पित किया जाता है. मुख्य मंदिर में प्रवेश से पहले रुठी हुई देवी लक्ष्मी को रसगुल्ला अर्पित करने की परंपरा निभाई जाएगी, जिसके बाद 'नीलाद्री बीजे' अनुष्ठान के साथ भगवान जगन्नाथ पुनः श्रीमंदिर के गर्भगृह में विराजमान होंगे.