ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव का नीलाद्री विजय अनुष्ठान के साथ समापन हो रहा है. रथों पर अंतिम पूजा के बाद भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा की पहंडी यात्रा के जरिए देव विग्रहों को मंदिर के गर्भगृह स्थित रत्न सिंहासन पर विराजमान कराया जाएगा. इस दौरान मान-मनोवल की रस्म और पारंपरिक रसगुल्ला उत्सव का आयोजन होगा. इससे पहले रथों पर अधर पाना का अनुष्ठान संपन्न हुआ. वहीं, अमरनाथ यात्रा और मां वैष्णो देवी यात्रा पुनः शुरू कर दी गई हैं. अमरनाथ यात्रा के उन्नीसवें जत्थे को कड़ी सुरक्षा के बीच बालटाल मार्ग से रवाना किया गया, जबकि पहलगाम मार्ग पर मरम्मत कार्य जारी है. भारी बारिश के बाद रुकी वैष्णो देवी यात्रा भी बहाल हो चुकी है. सावन के दूसरे सोमवार पर शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई. आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार और दिल्ली में तैयारियां जारी हैं. इसके अलावा, अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में राम दरबार के सुगम दर्शन के लिए पांच कतारों वाली नई व्यवस्था लागू की गई है.