एक ओर जहां ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में 48 साल के लंबे अंतराल के बाद रत्न भंडार को खोला गया है, वहीं दूसरी ओर रामनगरी अयोध्या 27 मार्च को होने वाले रामनवमी उत्सव के लिए तैयार है. पुरी में, ओडिशा सरकार और मंदिर प्रशासन द्वारा गठित एक समिति भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के आभूषणों और रत्नों की गिनती कर रही है, जिसकी आखिरी बार गिनती 1978 में हुई थी. इस पूरी प्रक्रिया की 3डी मैपिंग और वीडियोग्राफी की जा रही है, जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और ODRAF के अधिकारी भी शामिल हैं. उधर अयोध्या में, राम मंदिर में श्री रामलला के जन्मोत्सव पर भव्य अभिषेक और 56 प्रकार के भोग का आयोजन होगा. इस उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 'सूर्य तिलक' होगा, जिसमें वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत सूर्य की किरणें सीधे चार मिनट के लिए रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी, जिसका सीधा प्रसारण भी किया जाएगा.