गुजरात के सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने पर 'सोमनाथ अमृत पर्व' का आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने मंदिर के 90 फीट ऊंचे शिखर पर 11 पवित्र तीर्थ स्थलों के जल से कुंभाभिषेक किया और ध्वजारोहण संपन्न किया. कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम के छह हॉक एमके 132 विमानों ने आसमान में त्रिपुंड और हृदय की आकृतियां बनाकर प्रदर्शन किया, जबकि चेतक हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई. प्रधानमंत्री ने हेलीपैड से मंदिर तक दो किलोमीटर लंबा रोड शो भी किया, जहां शंख और डमरू वादन से उनका स्वागत हुआ. 11 मई 1951 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा के समय 101 तोपों की सलामी दी गई थी. विशेषज्ञों ने कुंभाभिषेक के धार्मिक महत्व और महमूद गजनवी के आक्रमणों के बावजूद मंदिर के पुनर्निर्माण के इतिहास पर चर्चा की. इस आयोजन में सोमनाथ मंदिर की प्राचीन वास्तुकला, भौगोलिक स्थिति और सांस्कृतिक गौरव को रेखांकित किया गया है.