साल के पहले सूर्य ग्रहण पर ज्योतिषीय चर्चा में विशेषज्ञों ने इसके प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी है. यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण है, जो 64 साल बाद कुंभ राशि में सूर्य और राहु की युति के साथ एक दुर्लभ संयोग बना रहा है. ज्योतिषाचार्य संजय शर्मा और विशेषज्ञ नितिशा के अनुसार, कुंभ राशि में पांच ग्रहों का गोचर एक पंचग्रही योग बना रहा है, जिसका प्रभाव हर जीव पर पड़ेगा. भले ही यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसके ज्योतिषीय प्रभाव महत्वपूर्ण हैं. विशेषज्ञों ने कुंभ, मिथुन, सिंह और कन्या राशि वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. ग्रहण के दौरान सूर्य आत्मा का कारक होने से मंत्र जाप, ध्यान और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ ऊर्जा के लिए लाभकारी बताया गया है. साथ ही, गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियों और दान-पुण्य के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है.