बाबा बर्फानी के भक्तों का इंतजार खत्म होने जा रहा है. कल से अमरनाथ यात्रा की विधिवत शुरुआत हो रही है. यह यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन इसका समापन होगा. यात्रा के लिए दो मुख्य मार्ग तय किए गए हैं- 41 किलोमीटर लंबा पारंपरिक पहलगाम रूट और 14 किलोमीटर लंबा बालटाल रूट. हाल ही में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल और श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने बाबा बर्फानी की प्रथम पूजा की. अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए हर साल लाखों शिव भक्त कश्मीर पहुंचते हैं. गुफा का यह स्वयंभू हिमलिंग विज्ञान के लिए एक चुनौती और भक्तों के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है. मान्यता है कि इसी पवित्र गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाई थी, जिसे सुनकर दो कबूतर भी अमर हो गए थे. सुरक्षा और सुविधाओं के लिए श्राइन बोर्ड ने कड़े इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के दर्शन कर सकें.