गुड न्यूज़ टुडे के खास शो 'प्रार्थना हो स्वीकार' में आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि की महिमा और विधान के बारे में बताया गया है। सामान्य नवरात्रि में देवी के नौ स्वरूपों की पूजा होती है, जबकि गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की तांत्रिक और गोपनीय साधना की जाती है। पंचांग के अनुसार, यह गुप्त नवरात्रि 14 जुलाई को दोपहर 03:12 बजे शुरू होकर 23 जुलाई को पारण के साथ समाप्त होगी। इस बार 15 जुलाई को पुष्य नक्षत्र और कर्क राशि में चंद्रमा की स्थिति से 12 साल बाद गजकेसरी योग और बुध पुष्य योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए देवी को पीले फूलों की माला अर्पित कर कात्यायनी मंत्र का जाप करना चाहिए। संतान प्राप्ति के लिए पान का पत्ता चढ़ाकर विशेष मंत्र पढ़ें। वहीं, नौकरी और रोजगार की समस्या दूर करने के लिए बताशे पर लौंग रखकर देवी को अर्पित करने का विधान है। इस दौरान सात्विक आहार और ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक है।