हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी संतान शिक्षा में सफल हो, लेकिन कई बार ऐसा नहीं हो पाता। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बच्चों की शिक्षा और ग्रहों के बीच एक गहरा संबंध है। कार्यक्रम में एक विशेषज्ञ ने बताया कि बच्चे का जीवन मुख्य रूप से चंद्रमा, बुध और सूर्य से प्रभावित होता है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात पर जोर दिया: 'बुध का खराब होना यह स्पष्ट लक्षण है कि पढ़कर तो गए और जहां लिखना है वहां जाकर भूल गए।' विशेषज्ञ ने ग्रहों की स्थिति को मजबूत करने के लिए कई उपाय सुझाए, जैसे कि सही रत्न धारण करना, दुर्गा जी और हनुमान जी की उपासना करना, और अध्ययन की जगह पर चंदन की सुगंध का प्रयोग करना। इसके अतिरिक्त, बच्चों की स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने के लिए गायत्री मंत्र के जाप को विशेष रूप से प्रभावी बताया गया है।