हिंदू पंचांग के अनुसार चतुर्मास का दूसरा महीना भाद्रपद (भादो) शुरू हो चुका है. यह महीना भगवान श्री कृष्ण, भगवान विष्णु और गणपति जी की उपासना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है. भाद्रपद माह में व्रत, उपवास, नियम और निष्ठा का पालन करने से व्यक्ति के कष्ट दूर होते हैं. इस दौरान बदलते मौसम के कारण खान-पान में संयम बरतने की सलाह दी जाती है, जिसमें दही का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है और हल्का भोजन करने की बात कही गई है. इस महीने में कई प्रमुख तीज-त्योहार जैसे कजरी तीज, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, हरितालिका तीज, गणेश उत्सव और अनंत चतुर्दशी मनाए जाते हैं. भाद्रपद में भगवान कृष्ण को पंचामृत से स्नान कराने, शंख की स्थापना करने तथा गणेश जी को दूर्वा और मोदक अर्पित करने से सुख, समृद्धि व आरोग्य की प्राप्ति होती है.