प्रार्थना हो स्वीकार कार्यक्रम में सरगम पंत श्रीवास्तव के साथ जानिए माघ मास की षटतिला एकादशी का महत्व, जिसे मोक्षदायिनी भी कहा गया है। जानकारों के अनुसार, 'भगवान विष्णु के शरीर से उत्पन्न होने के कारण इस तिल का बहुत महत्व है'। इस दिन तिल का छह प्रकार से प्रयोग किया जाता है - तिल से स्नान, उबटन, हवन, तर्पण, भोजन और दान। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 13 जनवरी को शुरू होकर 14 जनवरी को समाप्त होगी, इसलिए व्रत 14 जनवरी को रखा जाएगा.