नवरात्रि में कल मां स्कंदमाता की पूजा की जाएगी। मान्यता है कि देवी स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं और उनकी कृपा से संतान से जुड़ी हर समस्या दूर हो सकती है। कुंडली का पांचवा, नवां और ग्यारहवां भाव संतान से संबंध रखता है और बृहस्पति संतान कारक होता है। स्कंदमाता की पूजा से बृहस्पति से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। पूजा विधि में पीला वस्त्र धारण करना, केसर युक्त खीर, केला, पीले फूल अर्पित करने चाहिए। 'ॐ देवी स्कंदमाताय नमः' और 'या देवी सर्वभूतेषु स्कंदमातारूपेण संस्थिता' मंत्रों का जाप करना चाहिए। संतान प्राप्ति के लिए विशेष उपाय है कि नवरात्रि में देवी को रक्षा सूत्र बंधा नारियल अर्पित करें और 'ॐ दुम दुर्गाय नमः' मंत्र का जप करें। बाद में इस नारियल को पीले कपड़े में लपेटकर शयन कक्ष में रखें।