ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार इस बार गंगा दशहरा 25 मई को है। मान्यता है कि इसी दिन भगीरथ अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए मां गंगा को धरती पर लेकर आए थे। राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को कपिल मुनि के श्राप से मुक्ति दिलाने के लिए भगीरथ ने कठोर तपस्या की थी। गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान करने और दान देने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन 10 दीपक जलाने और 10 ब्राह्मणों को दान देने का विशेष महत्व है। यदि गंगा नदी में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल या तुलसी के पत्ते मिलाकर स्नान किया जा सकता है। स्नान करते समय तीन बार गंगा का नाम लेने से गंगा स्नान के समान ही पुण्य मिलता है। इसके बाद सूर्य देवता को जल अर्पित कर मां गंगा के मंत्रों का जाप करना चाहिए।