सूर्य देव जल्द ही चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश करने वाले हैं, जिसे कर्क संक्रांति कहा जाता है. इसी दिन से सूर्य देव अपनी दक्षिणायन यात्रा भी आरंभ करते हैं, जो देवताओं की रात्रि का प्रतीक मानी जाती है. ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, सूर्य का यह गोचर सभी 12 राशियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी गहरा प्रभाव डालेगा. इस दौरान जल से जुड़ी आपदाएं, भूकंप और विश्व में युद्ध जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं. हालांकि, सूर्य देव की उपासना और कुछ विशेष उपायों से इन बुरे प्रभावों को कम किया जा सकता है. कर्क संक्रांति के दौरान सूर्य को अर्घ्य देना, 'ओम आदित्याय नमः' और गायत्री मंत्र का जप करना बेहद फलदायी माना गया है. विशेष कामनाओं के लिए जल में नीला रंग, लाल चंदन या हल्दी मिलाकर अर्घ्य देने से शिक्षा, स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में लाभ मिलता है. इसके अलावा, जरूरतमंदों को चावल, दूध, सफेद वस्त्र और जल का दान करने से जीवन में सुख, ऐश्वर्य और समृद्धि का वरदान प्राप्त होता है.