करवा चौथ के पावन पर्व पर सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश, माता गौरी और चंद्र देव की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है. इस दिन शाम के समय पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:53 से 06:56 तक रहेगा, जिसके बाद चंद्रोदय होने पर अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है. मान्यता के अनुसार चतुर्थी तिथि पर चंद्र दर्शन से जुड़े अपयश दोष को दूर करने के लिए भगवान गणेश की उपासना कर चंद्रमा को नीची निगाह से अर्घ्य देना चाहिए या छलनी से देखना चाहिए. इस दिन सुहागिनों को काले या सफेद वस्त्र पहनने से बचना चाहिए और लाल अथवा गुलाबी वस्त्र धारण कर सोलह शृंगार करना चाहिए.