मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जीवन आदर्शों की एक ऐसी गाथा है, जो हर युग में प्रासंगिक है। गुड न्यूज टुडे की इस खास पेशकश में एंकर सुनीता राइ शर्मा ने बताया कि कैसे भगवान राम ने एक आज्ञाकारी पुत्र, आदर्श भाई और न्यायप्रिय राजा के रूप में समाज के सामने उदाहरण पेश किया। 'राम के जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि मर्यादा का पालन करते हुए कैसे कठिन परिस्थितियों में भी धर्म का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।' इस बुलेटिन में रामेश्वरम धाम की महिमा और वहां स्थापित ज्योतिर्लिंग के इतिहास पर भी प्रकाश डाला गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लंका विजय के बाद ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति के लिए भगवान राम ने स्वयं यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। यह स्थान आज भी शैव और वैष्णव दोनों संप्रदायों के लिए अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है। रामेश्वरम का गलियारा विश्व का सबसे लंबा गलियारा माना जाता है, जिसमें 1212 स्तंभ हैं।